
पटना, 5 जनवरी। नीतीश कुमार सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी नीति के तहत बिहार की स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) ने सोमवार को शिवहर जिले में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए एक राजस्व कर्मचारी को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार राजस्व कर्मचारी की पहचान रामकृत महतो के रूप में हुई है, जो शिवहर जिले के पुरानहिया ब्लॉक में तैनात हैं। उन पर भूमि अभिलेखों में उत्परिवर्तन के लिए 10,000 रुपए की रिश्वत मांगने का आरोप है।
एसवीयू को इस रिश्वत की मांग के बारे में गोपनीय सूचना मिली थी, जिसे गुप्त सत्यापन के बाद पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद पुलिस उपाधीक्षक सुधीर कुमार और संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया।
5 जनवरी 2026 की शाम लगभग 6:30 बजे, सतर्कता दल ने सुनियोजित जाल बिछाकर रामकृत महतो को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी को 10,000 रुपए दिए, टीम ने तुरंत कार्रवाई की।
आरोपी को तत्काल हिरासत में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सतर्कता अधिकारियों ने बताया कि मामले की पूरी जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह गिरफ्तारी राज्य सरकार के राजस्व विभाग में भ्रष्टाचार को रोकने के संकल्प को फिर से दर्शाती है, जहां भूमि संबंधी कार्यों में रिश्वतखोरी की शिकायतें आम हैं।
इसी कड़ी में, 2 जनवरी को बिहार के सतर्कता विभाग ने नवादा जिले के अकबरपुर पुलिस स्टेशन में तैनात एक सब-इंस्पेक्टर को 25,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी भी एक सुनियोजित जाल के तहत हुई थी।
यह मामला पटना स्थित सतर्कता विभाग के मुख्यालय में विकास कुमार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत से शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि सब-इंस्पेक्टर प्रमोद कुमार मामले निपटाने के बदले पैसे की मांग कर रहे थे।
राज्य सरकार की ये कदम भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल हैं, जो आम जनता के विश्वास को मजबूती प्रदान करते हैं।